एडवांस न्यूज़ ब्यूरो।
#ज्वालामुखी : ज्वालामुखी में दबंगई का मामला : महिला सोनू पठानिया पर हमला, टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर – वीडियो वॉयरल
छह दिन बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
ज्वालामुखी (कांगड़ा)।
ज्वालामुखी क्षेत्र के गांव दरंग में एक महिला पर दिनदहाड़े हमला और दबंगई का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित महिला सोनू पठानिया पत्नी करण सिंह पठानिया की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। महिला ने आरोप लगाया है कि उसकी गैरमौजूदगी में कुछ रसूखदार लोगों ने उसके घर पर कब्जे की कोशिश की और विरोध करने पर उस पर हमला किया गया।
महिला सोनू ने बताया कि उसके पति करण सिंह 75 प्रतिशत विकलांग हैं और काफी समय से बीमार चल रहे हैं। वह कुछ दिन पहले उनके इलाज के लिए पंचकूला दवाइयां लेने गई थी। इसी दौरान कथित तौर पर ज्वालामुखी के एक प्रभावशाली परिवार ने मौका पाकर जेसीबी और ट्रैक्टर लेकर उसके घर के सामने की जमीन खोद दी और पत्थरों की ट्रॉलियां डालकर कब्जा करने की कोशिश की।
सोनू का कहना है कि उसने इस संबंध में पहले ही आशंका जताई थी कि कुछ लोग उसके घर पर कब्जा करने की साजिश रच रहे हैं। उसने चार दिन पहले वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी, लेकिन पुलिस प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
महिला ने बताया कि घटना के समय वह अकेली थी। “मेरे पति बिस्तर पर हैं, बच्चे बाहर पढ़ाई कर रहे हैं। जब मैं इलाज के लिए बाहर गई, तो इन लोगों ने पीछे से कब्जे की योजना बनाई। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है,” महिला ने कहा।
सोनू ने आरोप लगाया कि यह सब कार्यवाही सन्नी शर्मा नामक व्यक्ति के इशारे पर की गई, जो स्थानीय स्तर पर केमिस्ट की दुकान चलाता है। महिला का कहना है कि जब उसने विरोध किया तो उस पर हमला कर दिया गया, जिससे वह घायल हो गई।
पीड़िता ने इस मामले की शिकायत थाना ज्वालामुखी में दर्ज करवाई है। साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1100 पर भी शिकायत (शिकायत नंबर 1204751) दर्ज की है। उसका आरोप है कि छह दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
महिला ने कहा कि वह अब खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। “अगर मेरे साथ कुछ होता है, तो उसकी जिम्मेदारी प्रशासन और पुलिस की होगी,” उसने कहा।
ग्रामीणों ने इस घटना को लेकर गहरा रोष जताया है और पुलिस प्रशासन पर कार्रवाई में ढिलाई का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि ज्वालामुखी क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं और अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और तथ्यों की पुष्टि की जा रही है। वहीं, स्थानीय लोग पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।